BHUMI SHODHAK भूमिशोधक

BHUMI SHODHAK भूमिशोधक

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BHUMI SHODHAK is 100% natural seaweed powder and potassium humate combination. Seaweed powder is of fresh kelp weed algae/luminaria/sargassum and Ascophyllum nodosum. BHUMI SHODHAK is humic based organic soil activator, soil reforming and conditioning agent for soil humus build-up and soil organic carbon (SoC) improvement. BHUMI SHODHAK is available in powder form. BHUMI SHODHAK WSP 85% is an “Approved Organic Agriculture Input” certified by AOCA as per NPOP (National Programme for Organic Production) standards and IFOAM (International Federation of Organic Agriculture Movement) accredited Biocert Organic Standards.

 

Application Benifits

  • Makes soil loose, friable, aggregate and fertile.
  • Revives soil humus and improves water retention.
  • Improves soil organic carbon content and regulates chemical balance in soil. Regulates pH buffering capacity.
  • Promotes soil-structure improvement, oxygen uptake and improves root penetration.
  • Contains broad-spectrum trace elements in naturally selected plant available form.
  • Powerful microbial promotant and bio stimulation for microbes and earthworms
  • Soil microbes friendly, boosts soil life activity particularly the fungal fraction.
  • Improves brix level, may crease cold/drought tolerance.
  • Stabilises nutrition inputs throughout the crop cycle. Improves nitrogen efficiency. Reduces requirement of chemical fertilizers.
  • Assists plants in the recovery from viruses. assists in soil wetting, moisture retention and humus buildup.
  • Improves crop yield and quality.

Crops :Suitable for all types of soil and all crops, Pulses, Oilseeds, Horticulture, Flouriculture, Vegetable crops, Tuberous crops like potato, Sugarcane, Fibre crops, Plantation crops, Medicinal and Aromatic crops.

 

 

METHOD OF APPLICATION:

BHUMI SHODHAK APPROVED ORGANIC INPUT MAY BE APPLIED @ 5-10 KG/ACRE WHILE SOWING DURING PLOUGHING AND PREPARATION OF SOIL FOR SOWING OR BEFORE FIRST IRRIGATION.

 

 

 

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Description :

BHUMI SHODHAK™ AND ITS FUNCTIONS CRITICAL TO SOIL HEALTH AND PLANT GROWTH

Bhumi Shodhak is an approved organic soil conditioning input for all types of soil and crop for soil reform and soil humus re-generation.Provides nutrition and soil rejuvenation, promotes root development. It activates the soil bacteria, especially rhizosphere bacteria which are responsible for the better growth of root system.

Improves soil microbes and earth worm propagation and multiplication in soil and eliminates harmful fungus. Makes soil naturally fertile by activating soil microbial organisms.

Regulates soil temperature and soil PH. Releases phosphorus from lock-ups and stabilizes nitrogen.

Reduces requirement of chemical fertilizers. Re-activates soil microbes and earth-worms, improves soil fertility.

Improves water retention capacity of soil, improves soil organic carbon content, makes soil loose, friable, soft, moist and fertile. Promotes better tillering, aggregation, oxidation and flocculation in soil.

Improves soil structure and prevents it from becoming barren.

Improves crop health. Thick strong stems, thick leaves, balanced vigor, disease resistance. Provides resistance to plants against drought/cold conditions and develops adverse condition tolerance capacity in crops.

Improves quality and quantity of farm produce, fruit size, colour, taste, organic content and nutritional value of yield.Which problems can be solved by Bhumi Shodhak®

 

WHICH PROBLEMS CAN BE SOLVED BY BHUMI SHODHAK™

 

Soil gradually becoming infertile by applying chemical fertilizer. Weak resistance.

Humic Acid present in Bhumishodhak can absorb surrounding nutrition and water. Lock soil nutrient, realize soil long term effect. As the appetizing agent of top dressing, Bhumi Shodhak can be applied with fertilizers too, and this way, soil will be gradually fertile, and produce high yield, quality and profit.Fulvic and Amino Acid in BhumiShodhak can regulate the osmotic balance of nutrient, stimulate plant vitality, fast repair the blocked vascular bundle, enhance crop immunity under low and high temperature, and promote crop resistance.Soil Compaction, Humus Depletion, Low Soil Organic Carbon content, low soil microbes and earth-worm count, Root-Rot, Weak Seedling, Soil Acidity and Alkalinity.

Bhumi Shodhak is an approved organic soil conditioning input for all types of soil and crop for soil reform and soil humus re-generation. BhumiShodhak improves water retention capacity of soil, improves soil organic carbon content, makes soil loose, friable, soft, moist and fertile. Promotes better tillering, aggregation, oxidation and flocculation in soil. Improves soil structure and prevents it from becoming barren.BhumiShodhak is potent soil microbes and earth worm propagation and multiplication promoting input for soil.

It is the best food for soil microbes and earth worms.Unique soil acidity and alkalinity adjusting Polymeric acid substance is present in BhumiShodhak’s unique content. It is effective against moderate acidic and alkaline soil, Soil compaction, rot roots, dead roots, serious root disease, bad seedling emergence with no younger ones caused by long-term use and over use of chemical fertilizers, It is especially suitable for adjusting acid soil, sandy soil, infertile soil and so on.Compared with other tech, adjusting tech of BhumiShodhak can regulate soil PH balance intelligently, protect soil and crop from intense chemical attach, and finally complete the reconstitution of soil acid and alkali balance.

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भूमिशोधक ह्यूमिक आधारित, मिट्टी का ह्यूमस व कार्बन स्तर सुधारने, मिट्टी की उर्वरता का कायाकल्प करने तथा फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिये प्रभावी ऑर्गेनिक उत्पाद है। भूमिशोधक सरलता से घुलनशील होने के कारण उर्वरकों के साथ एक सफल सलंयक है, जो यूरिया (नाइट्रोजन) व अन्य पोषक तत्वों को स्थिर करने के लिए विशेष रुप से महत्वपूर्ण है।फसलः भूमिशोधक सभी प्रकार की मिट्टी में तथा सभी फसलों जैसे गन्ना और फाइबर फसलों, कपास, मेन्था, दलहन, तिलहन, बागवानी, फूलों, सब्जियों, अनाज, आलू, औषधीय और सुगंधित फसलों (जड़ी बूटियों) में प्रयोग के लिये उपयुक्त है।

प्रयोग की मात्रा व विधिः
भूमिशोधक 5 से 10 किग्रा प्रति एकड़ की दर से बुवाई/रोपण के समय, अथवा पहली सिंचाई से पहले मिट्टी, खाद, कम्पोस्ट या उर्वरक में मिलाकर।
5 किलोग्राम भूमिशोधक 200 लीटर पानी में घोलकर सिंचाई के बहते पानी की नाली में धीरे धीरे टपका देने से भूमिशोधक पूरे खेत में बिना अतिरिक्त श्रम के पहुंच जायेगा।

बुवाई/रोपाई के लिए खेत की तैयारी, बुवाई/रोपाई के समय भूमिशोधक का प्रयोग सर्वाधिक लाभ देता है।
भूमिशोधक प्रयोग के लाभः
1. भूमिशोधक मिट्टी में ह्यूमस स्तर के सुधार व निर्माण के लिए एक प्रभावी कार्बनिक उत्पाद है। भूमिशोधक प्राचीन पौधों/ खनिजों का निस्सारित हिस्सा है जिसमे उच्च मात्रा में खनिज व पोषकीय तत्व विद्यमान हैं। 
2. भूमिशोधक धीमी गति से रिलीज होने वाले ह्यूमिक एसिड एवं पोषक तत्वों के अनेक लाभ प्रदान करता है। 
3. भूमिशोधक फसलचक्र के दौरान पोषक तत्वों को स्थिर करने व पौधों को समुचित पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करता है। 4. भूमिशोधक प्रारम्भिक चरणों में वनस्पति विकास को गति देता है और जड़ों द्वारा पोषण ग्रहण करने में सहायता करता है। 
5. भूमिशोधक एक अत्यन्त प्रभावी मृदाशोधक है जो लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ावा देकर मिट्टी में वांछित मृदा विन्यास निर्मित करता है। 6. भूमिशोधक मिट्टी में जहरीले और रासायनिक उर्वरकों के अवशेषों को चेलेट करके मृदा प्रदूषण और विषाक्तता को कम करता है। यह मिट्टी में जहरीले अवशेषों को अपघटित कर देता है।
 7. भूमिशोधक अनुकूल मृदा पर्यावरण प्रदान करके केचुओं की संख्या में वृद्धि और उनके कामकाज को बढ़ावा देता है।
 8. भूमिशोधक मिट्टी में ऑक्सीजन संचरण और कार्बन के स्तर में सुधार, रसायन संतुलन तथा कार्बन नाइट्रोजन अनुपात (C:N Ratio) को नियमित करता है।
 9. भूमिशोधक मिट्टी को ढीली, भुरभुरी, नम और उपजाऊ बनाता है। 
10. भूमिशोधक बेहतर जड़ विकास और पोषक तत्वों को बढ़ावा देता है। 11. भूमिशोधक पौधों की जड़ों द्वारा उर्वरकों के अवशोषण के लिए तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है। 
12. भूमिशोधक फसल की पैदावार, उपज की गुणवत्ता व स्वाद को बढ़ाता है, मिट्टी में स्वपोषी प्राकृतिक उर्वरता प्रणाली पुनः स्थापित करता है। 13. भूमिशोधक सूखा/ठंड की स्थिति में प्रतिरोध प्रदान करता है और फसलों में प्रतिकूल परिस्थितिरोधी क्षमता विकसित करता है, फसलों को सूखे और पाले से बचाता है।
 14. भूमिशोधक एक शक्तिशाली लाभकारी बैक्टीरिया प्रमोटर है, कृत्रिम उर्वरक प्रयोग से मिट्टी में लाभप्रद बैक्टीरिया/कवक नष्ट हो गये हैं जिनकी संख्या बढ़ाने में यह बहुत प्रभावी है। 
15. भूमिशोधक नाइट्रोजन स्थिरीकरण और नाइट्रोजन दक्षता/ प्रभाव में सुधार करता है। (यूरिया के साथ एक आदर्श योजक के रुप में उसके प्रभाव को बढ़ाता है)। 
16. भूमिशोधक पोषक तत्वों के अवशोषण को बढाने में मदद करने के लिए एक उत्प्रेरक और प्राकृतिक चेलेटिंग एजेंट है। 
17. भूमिशोधक पौधों के तेज विकास के लिए मिट्टी में लॉक-अप से फॉस्फेट मुक्त करता है।
 18. भूमिशोधक मिट्टी में अपशिष्ट तत्वों (विशेषकर सोडियम), जहरीले रसायनों और भारी धातुओ को बफर/अवशोषित/अपघटित करता है। 19. भूमिशोधक पीएच मान से संबंधित समस्याओं को बेअसर/नियोजित करने में मदद करता है तथा पीएच मान नियमित तथा पीएच बफरिंग क्षमता को नियंत्रित करता है। 
20. भूमिशोधक मिट्टी को उपजाऊ, नम, मुलायम, भुरभुरा और पोषक तत्वो से परिपूर्ण करता है, कार्बन सामग्री में सुधार करता है और मिट्टी में आक्सीजन संचार को बढ़ाता है। 
21. भूमिशोधक जड़ों के विकास के लिए मृदा संरचना में सुधार करता है तथा जल और आक्सीजन संचार को बढ़ावा देता है।
 22. भूमिशोधक फूलों में अर्क/इत्र तथा मेन्था में तेल की मात्रा में वृद्धि करता है।
 23. भूमिशोधक पत्तियों में क्लोरोफिल की मात्रा बढ़ाकर प्रकाश संश्लेषण को गति देता है और पौधों के उपापचय को तेज करता है। पुष्पन एवं फलन में सुधार करता है। 
24. भूमिशोधक मिट्टी की जल अवधारण क्षमता को बढ़ाता है।
 25. भूमिशोधक पोषक तत्वों की एक विस्तृत श्रंखला एवं कार्बनयुक्त नमी प्रतिधारण क्षमता में सुधार करने वाला बहुत उच्चचेतन एक्सचेंज क्षमता (High Cation Exchange Capacity) वाला सूक्ष्मजीवों के अनुकूल Plant Electrolyte है।
भूमिशोधक® के प्रयोग द्वारा उपज बढाने की विधि /टिप्स:

– सभी नाइट्रोजन स्रोतों के साथ भूमिशोधक मिलाकर प्रयोग करें ताकि ह्यूमस की कमी को पूरा किया जा सके तथा कार्बन:नाइट्रोजन अनुपात को ठीक किया जा सके.

– उच्च कार्बन युक्त भूमिशोधक®, ह्यूमस स्तर और कार्बन:नाइट्रोजन अनुपात को ठीक करने सबसे अच्छा विकल्प है।

– सभी दानेदार उर्वरकों, खादों य़ा मिट्टी के साथ भूमिशोधक का मिश्रण/कोटिंग किया जा सकता है क्योंकि यह उनके प्रभाव को बढ़ा देता है। भूमि शोधक मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढाता है l

– सभी दानेदार फॉस्फोरस युक्त खाद के साथ भूमिशोधक को कोटिंग/मिश्रित करने से यह उनकी क्षमता को बढ़ाता है l आप पहली बार पूरे फसल चक्र तक फॉस्फेट उपलब्धता का अनुभव करेंगे।

– यूरिया और भूमिशोधक परिपूरक एवं प्रभावी योजक हैं। एक बार यूरिया के साथ मिलाकर इसका प्रयोग करने के बाद आप इसके फैन हो जायेंगे l

भूमिशोधक कोटेड यूरिया, नीम कोटेड और सामान्य यूरिया से बहुत अधिक प्रभावी है तथा यूरिया के नकारात्मक प्रभाव तथा बहाव को रोकने में सक्षम है।

– मिट्टी में लाभकारी बैक्टीरिया और कवक की कमी है, जो उपजाऊ क्षमता और रोग की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भूमि शोधक के नियोजित प्रयोग से मिट्टी में मौजूदा फायदेमंद बैक्टीरिया और कवक को पूर्ण भोजन मिलेगा ज़िससे उनका बहुगुणन होगा और मिट्टी में सूक्ष्म जीवों के असंतुलन को दूर करने और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढाने में प्रभावी मदद मिलेगी।

– भूमिशोधक का प्रयोग कृत्रिम रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को 80% तक कम कर देगा और उपज वृद्धि करेगा l उपज की गुणवत्ता में सुधार कर उपज को ऑर्गेनिक बनायेगा।

– ऑर्गेनिक उपज प्राप्त करने और उपज वृद्धि के लिए भूमिशोधक बहुत ही प्रभावी उत्पाद है।

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    BENTOGYP® is a bentonite and gypsum based natural soil amendment for soil reform, soil fertility revival, crop nutrition and sustainable farming. This is an excellent food for plants. BENTOGYP is an “Approved Organic Input certified by AOCA as per NPOP (National Programme for Organic Production) (APEDA, Min of Commerce and Industry, Govt. of India) standards and IFOAM (International Federation of Organic Agriculture Movement) accredited Biocert Organic Standards.

    Application Benifits

    • Improves humus, water retention capacity and organic carbon content in soil.
    • Regulates soil pH, chemical balance and temperature.
    • Regulates soil salinity and alkalinity. Prevents nutrients leaching.
    • Improves soil structure, makes soil loose, friable, moist.
    • Improves over all crop health and growth and provides plant nutrition
    • Improves nutrient’s uptake by plant and facilitates soil aeration.
    • Improves Oil content in oil seeds crops. Increases yield in pulses.
    • Improves grain setting in oil seed and pulses crops.
    • Improves crop yield and quality

     

    Crops : Suitable for all field crops, Pulses, Oilseeds, Horticulture, Floriculture & Vegetable crops, Tuberous crops like potato, Sugar & Fibre crops, Plantation crops, Medicinal and Aromatic crops.

    METHOD OF APPLICATION: 

    BROADCAST WHILE SOWING @50 KG/ACRE.
    DOSAGE: 50 KG PER/ACRE

    Mrida Poshak Nuezyme Plus

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    Mrida Poshak(Badhaye Mitti ki Taakat) Mrida Poshak Neuzyme Plus is roasted bentonite crystal based soil conditioner fortified with humic, fulvic acid and Seaweed extract. Mrida Poshak Neuzyme plus is an excellent soil organic carbon content reviving soil amendment and an excellent plant feed. Mrida Poshak is a potent soil ameliorant for soil health rejuvenation and crop productivity enhancement,

    Application Benifits

     

    • Suitable for sustainable agricultural Act as ‘Metabolic Enhancer, stimulates crop growth and development. Improves soil structure and promotes root development.
    • Develops adverse condition tolerance capacity in crops and makes them cold/drought resistant.
    • Enhances stress tolerance ability of crops & resistance against pests & diseases.
    • This is an organic product, environment friendly and biodegradable product, Safe and eco-friendly. No phytotoxic effect. Provides micro and macro nutrients, Natural minerals, bentonite and humic acid. Improves organic crop yield and makes soil organic.
    • Improves quality of yield- better shape, size, uniformity, colour & taste of fruits.
    • Specially suitable for tuberous crops like potato.
    • Promotes propagation of beneficial bacteria. Ensures crop health and prevents crop from disease.
    • Enhances physiological efficiency of crops leading into balanced nutrient uptake from soil. Makes soil loose friable and moist.
    • Higher crop yields due to complete nutritional benefit to crops expressed in improved plant vigour, root and shoot growth, more flowering and fruiting, etc.

     

    Crops :Suitable for all field crops, Pulses, Oilseeds, Horticulture, Floriculture & Vegetable crops, Tuberous crops like Potato, Sugar & Fiber crops, Plantation crops, Medicinal and Aromatic crops.

    METHOD OF APPLICATION: 

    MIX IN SOIL WHILE SOWING @25 KG OF MRIDAPOSHAK PER ACRE.

    CONSTITUENTS :

    Total soluble contents in granules contain 20℅ Imported Bio Fulvic acid, Humic acid Fulvic acid, Amino acids, Seaweed extract (red & brown Algae proteins, carbohydrates, inherent nutrients, vitamins, plant growth regulators (PGRS) like Auxin, Cytokinin & Gibberellins Contained in products of natural and organic origin.)

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    Application Benifits

    • Fulfills nitrogen requirement and improves carbon content in soil.
    • Improve soil humus and soil wetting.
    • Increases chlorophyll content in leaves and speeds-up photosynthesis and plant metabolism.
    • Regulates soil pH and improves soil structure.
    • Helps optimizing vegetative growth and greenery in all phases of crop growth.
    • Prevents nitrogen leaching and ensures efficient nitrogen utilisation.
    • Increases plant’s capability to counter stress and disease.
    • Creates good living environment for microbial mass.
    • Increases organic matter in soil & promotes buffering capacity of soil.
    • Improves flowering and fruit set ratio and increases crop yield and quality.

    Crops : In all types of soil, suitable for all field crops, groundnut, potato, Maize, Cereals, Wheat, Tobacco, Sugarcane, Banana, Chilly, Oilseeds, Horticulture, Floriculture, Vegetable crops, Foodgrain crops, Tuberous crops like Potato, Sugar & Fibre crops, Plantation crops, Medicinal and Aromatic crops.

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    Application Benifits

    • Soil conditioning, balance nutrition to plants, overall plant growth and plant health.
    • Improves soil structure and regulate soil chemical balance .
    • Increases nutrients uptake by plant roots.
    • Improves cation exchange capacity of soil (CEC).
    • A powerful soil amendment and plant stimulant.
    • Improves beneficial bacteria count.
    • Increases starch, sugar and protein accumulation.
    • Makes soil soft, loose and fertile.
    • Improves soil fertility and crop yield.
    • Improved Plant nutrition and primary root development.
    • Improved nutrient absorption and sugar accumulation.
    • Improved photosynthesis and plant metabolism.
    • Improved soil fertility, crop yield and quality.

     

    Crops : Suitable for all field crops, groundnut, potato, maize, cereals, wheat, gram, Horticulture, Floriculture & Vegetable crops, Foodgrain crops, Tuberous crops like potato, Sugar & Fibre crops, and Medicinal crops.

    DOSAGE

    25 KG PER/ACRE AT THE TIME OF SOWING.

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